Sri Hanumat Siddha Peeth Foundation | Hanumat Peeth, Prayagraj
परम पावन श्री हनुमत सिद्धपीठ में आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है! | जय श्री राम • जय श्री हनुमान

Sri Hanumat Siddha Peeth

भक्ति • साधना • सेवा • संस्कार
Spiritual & Charitable Foundation Reg. No: U94910UP2026NPL249428
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भक्ति • साधना • सेवा • संस्कार

हमारा Vision & Mission

Sri Hanumat Siddha Peeth का संकल्प—सनातन संस्कारों, संगठित सेवा और सामाजिक सहयोग के माध्यम से समर्थ, संवेदनशील एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण।

अखण्ड सनातन यात्रा

“हर घर हमारा परिवार”

यह केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि ऐसा जीवंत सामाजिक दर्शन है जिसमें प्रत्येक घर सेवा का केन्द्र, प्रत्येक परिवार संस्कारों का संवाहक और प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित में सहयोगी बने। हमारा उद्देश्य भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को आत्मीयता, करुणा, उत्तरदायित्व और एकता के सूत्र में जोड़ना है।

हमारे भविष्य की दिशा

हमारा विस्तृत विज़न

भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से प्रेरित ऐसा समाज, जो जागरूक भी हो, संगठित भी हो और अपने विकास के लिए आत्मनिर्भर भी हो।

संस्कारित एवं समर्थ भारत

एक ऐसा संस्कारित, जागरूक, संगठित और आत्मनिर्भर भारत निर्मित करना, जहाँ प्रत्येक परिवार सेवा, सहयोग और सनातन जीवन-मूल्यों से जुड़ा हो। हमारी दृष्टि में समाज का हर व्यक्ति केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सकारात्मक परिवर्तन का सक्रिय सहभागी है। संविधान, कानून एवं प्रशासन के प्रति सम्मान रखते हुए पारदर्शिता, गरिमा, नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदना को प्रत्येक सेवा-कार्य का आधार बनाना इस दृष्टि का अभिन्न हिस्सा है।

Vision 2029

Vision 2029 के अंतर्गत डिजिटल सदस्यता, प्रशिक्षित स्वयंसेवक तंत्र, कौशल विकास केन्द्र, स्वास्थ्य एवं रक्तदान नेटवर्क, महिला सहायता एवं परामर्श, युवा नेतृत्व, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, आध्यात्मिक-सांस्कृतिक अध्ययन तथा राष्ट्रीय समन्वय को एक मजबूत सेवा-व्यवस्था से जोड़ना।

सेवा

सेवा को साधना मानकर जरूरतमंद तक सम्मानपूर्वक शिक्षा, स्वास्थ्य, राहत और सहयोग पहुँचाना।

संस्कार

सनातन जीवन-मूल्य, सदाचार, करुणा, अनुशासन और कर्तव्यबोध को नई पीढ़ी तक पहुँचाना।

संगठन

परिवारों, युवाओं, महिलाओं, संतों और स्वयंसेवकों को राष्ट्रहित के साझा सेवा-संकल्प से जोड़ना।

डिजिटल सदस्यता एवं समन्वय

देशभर के सेवाभावी परिवारों और स्वयंसेवकों को पारदर्शी डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना।

स्वयंसेवक एवं नेतृत्व अकादमी

अनुशासित, संवेदनशील और प्रशिक्षित युवा नेतृत्व तैयार करना।

कौशल एवं आत्मनिर्भरता केन्द्र

युवा और महिलाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर आजीविका से जोड़ना।

स्वास्थ्य एवं रक्तदान नेटवर्क

नियमित स्वास्थ्य सहायता, जागरूकता, रक्तदान और जरूरतमंदों के लिए सहयोग व्यवस्था।

महिला सहायता एवं सम्मान

परामर्श, सुरक्षा, कौशल, अधिकार-जागरूकता और स्वावलंबन को सुदृढ़ करना।

अध्ययन एवं डिजिटल ज्ञान

आध्यात्मिक-सांस्कृतिक अध्ययन, डिजिटल लाइब्रेरी और ई-लर्निंग सुविधाओं का विस्तार।

जल एवं पर्यावरण संरक्षण

वृक्षारोपण, जल-संरक्षण और प्रकृति के प्रति उत्तरदायी जीवनशैली को जन-अभियान बनाना।

अखण्ड सनातन यात्रा

संत-संवाद, जनकल्याण और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से पवित्र स्थलों एवं समाज को जोड़ना।

संकल्प से सेवा तक

हमारा विस्तृत मिशन

हमारा लक्ष्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि सेवा के माध्यम से समाज को जोड़ना और हर व्यक्ति को सम्मानपूर्ण सहभागिता का अवसर देना है।

सेवा को संगठित करना, संस्कारों को सशक्त करना और समाज को आत्मनिर्भर बनाना हमारा मूल मिशन है। पारदर्शिता, मर्यादा, नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, पर्यावरण, संस्कृति तथा आपदा-सहयोग के क्षेत्रों में सतत कार्य करना हमारा संकल्प है।

01

सामाजिक सेवा एवं सहयोग

गरीब, असहाय, वृद्ध, दिव्यांग और जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, वस्त्र, मार्गदर्शन और सम्मानजनक सहायता पहुँचाना।

02

शिक्षा एवं संस्कार

वंचित बच्चों को अध्ययन सामग्री, मार्गदर्शन और डिजिटल शिक्षा उपलब्ध कराते हुए नैतिक एवं सांस्कृतिक संस्कारों को मजबूत करना।

03

कौशल एवं युवा सशक्तिकरण

प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और रोजगारपरक कौशल के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बनाना।

04

नारी सम्मान एवं स्वावलंबन

महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, परामर्श, अधिकार-जागरूकता, कौशल प्रशिक्षण और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए सतत पहल करना।

05

स्वास्थ्य एवं जीवन रक्षा

स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, प्राथमिक चिकित्सा जागरूकता और गंभीर रोगियों के लिए सहयोगी नेटवर्क विकसित करना।

06

प्रकृति एवं गौ-सेवा

वृक्षारोपण, जल-संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण जागरूकता और संवेदनशील गौ-सेवा को सामुदायिक उत्तरदायित्व बनाना।

07

सनातन संस्कृति का संरक्षण

संत-संवाद, आध्यात्मिक अध्ययन, पर्व, यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा भारतीय ज्ञान-परंपरा को जन-जन तक पहुँचाना।

08

आपदा एवं त्वरित राहत

प्राकृतिक आपदा या संकट के समय प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के माध्यम से राहत सामग्री, सहयोग और पुनर्वास सहायता पहुँचाना।

09

राष्ट्रीय एकता एवं समरसता

जाति, क्षेत्र और वर्ग के भेद से ऊपर उठकर संविधानसम्मत सेवा, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करना।

वसुधैव कुटुम्बकम्

सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है। इसी भावना के साथ हम सेवा को साधना, संस्कार को पहचान और संगठन को शक्ति मानते हुए प्रत्येक घर तक सहयोग, सद्भाव और सनातन चेतना पहुँचाने का संकल्प लेते हैं। सेवा ही साधना है • संस्कार ही हमारी पहचान है • संगठन ही हमारी शक्ति है